हम कौन हैं

वस्तु एवं सेवा कर परिषद (जीएसटीसी) के सचिवालय की स्थापना 12सितंबर, 2016 की गई और इसका कार्यालय नई दिल्ली में खोला गया। सचिवालय को जीएसटी परिषद की बैठकों के आयोजन का कार्य सौंपा गया है, जिसमें एजेंडा तैयार करना और जीएसटी परिषद की बैठकों का कार्यवृत्त लिखना,जीएसटी परिषद के निर्णयों के कार्यान्वयन की निगरानी करना,जीएसटी कानूनों नियमों /दरों आदि से संबंधित विभिन्न अभ्यावेदनों की जांच करना शामिल है। सचिवालय केंद्र और राज्य कर विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की राष्ट्रीय समन्वय बैठकों का भी आयोजन करता है। सचिवालय द्वारा किए जाने वाले कार्यों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  1. व्यापार और मंत्रालयों से प्राप्त अभ्यावेदनों का प्रसंस्करण: हितधारकों से प्राप्त अभ्यावेदनों पर उचित प्राधिकारी द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाती है ताकि करदाताओं की वास्तविक चिंताओं का शीघ्र निवारण किया जा सके।

 

  1. जीएसटी कार्यान्वयन समिति (जीआईसी):जीएसटी परिषद ने जीआईसी को जीएसटी परिषद की दो बैठकों के बीच के अंतराल में अत्यावश्यक और प्रक्रियात्मक प्रकृति के मुद्दों पर निर्णय लेने का अधिकार सौंपा है। ऐसे निर्णयों को फिर जीएसटी परिषद की अगली बैठक में सूचना के लिए प्रस्तुत किया जाता है।

 

  1. आईटी शिकायत निवारण समिति (आईटीजीआरसी):जीएसटी पोर्टल पर तकनीकी गड़बड़ियों के बारे में करदाताओं की शिकायतों के निवारण के लिए 2018 में आईटी शिकायत निवारण समिति का गठन किया गया था। जीएसटी परिषद ने आईटीजीआरसी को शिकायत निवारण हेतु उठाए जाने वाले कदमों और निर्णय के कार्यान्वयन के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को अनुमोदित करने और जीएसटीएन को अनुशंसा करने का अधिकार सौंपा है। परिषद सचिवालय आईटीजीआरसी को सचिवालयी सहायता प्रदान करता है, जिसमें उसकी बैठकों का संचालन और उनका कार्यवृत तैयार करना भी आता है।

 

  1. आईटी शिकायत निवारण समिति (आईटीजीआरसी):जीएसटी पोर्टल पर तकनीकी गड़बड़ियों के बारे में करदाताओं की शिकायतों के निवारण के लिए 2018 में आईटी शिकायत निवारण समिति का गठन किया गया था। जीएसटी परिषद ने आईटीजीआरसी को शिकायत निवारण हेतु उठाए जाने वाले कदमों और निर्णय के कार्यान्वयन के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को अनुमोदित करने और जीएसटीएन को अनुशंसा करने का अधिकार सौंपा है। परिषद सचिवालय आईटीजीआरसी को सचिवालयी सहायता प्रदान करता है, जिसमें उसकी बैठकों का संचालन और उनका कार्यवृत तैयार करना भी आता है।

इसके अतिरिक्त, परिषद सचिवालय के संयुक्त सचिव विधि समिति के सदस्य होते हैं, जो जीएसटी कानून और नियमों से संबंधित मामलों पर विचार करती है और कानून की व्याख्या में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए संशोधन प्रस्तावित करती है तथा कानूनी मामलों को स्पष्ट करने के लिए परिपत्र जारी करती है। वे फिटमेंट समिति के भी सदस्य होते हैं, जो जीएसटी दरों, छूटों और वर्गीकरण या दरों से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए आवश्यक स्पष्टीकरणों से संबंधित मामलों पर विचार करती है। विधि और फिटमेंट समितियों की सिफारिशें जीएसटी परिषद के समक्ष अनुमोदन हेतु रखी जाती हैं।

जीएसटी कानून के तहत पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं द्वारा अनुचित लाभखोरी की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए एनएए (राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा आयोग) एक वैधानिक तंत्र है। एनएए प्रत्येक तिमाही में सचिवालय को एक प्रदर्शन रिपोर्ट प्रस्तुत करता है, जिसे जीएसटी परिषद के समक्ष रखा जाता है। 12 दिसंबर 2022 से,लाभखोरी विरोधी कार्य का दायित्व भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग को सौंपा गया है।